• Ch9-2. अंत के समय में साहसपूर्ण विश्वास रखे (प्रकाशितवाक्य ९:१-२१)

  • Dec 8 2022
  • Length: 20 mins
  • Podcast

Ch9-2. अंत के समय में साहसपूर्ण विश्वास रखे (प्रकाशितवाक्य ९:१-२१)

  • Summary

  • सात तुरहियों की विपत्तियों में से, हम ने अभी ऊपर के भाग में पाँचवीं और छठी तुरहियों की विपत्तियों को देखा। पाँचवीं तुरही की आवाज टिड्डियों की विपत्ति है, और छठी तुरही फुरात नदी पर युद्ध की विपत्ति की घोषणा करती है।
    सबसे पहले हमें यह पता लगाने की जरूरत है कि क्या संत सात तुरहियों की इन विपत्तियों से गुजरेंगे या नहीं। यह सबसे पहली बात है जिसे हमें सुनना, जानना और विश्वास करना चाहिए।
    क्या संत सात तुरहियों की विपत्तियों के बीच में स्वयं को पाएंगे? संत भी निश्चय ही खुद को इन विपत्तियों के बीच में पाएंगे। दुनिया के एक तिहाई जंगल जला दिए जाएंगे, एक तिहाई समुद्र और नदियां खून में बदल जाएंगी, और सूरज, चाँद और तारे काले पड जाएँगे और अपनी एक तिहाई रोशनी खो देंगे। यद्यपि पूरी दुनिया की प्रकृति का एक तिहाई या तो खून में बदल जाएगा या प्रकाश खो देगा, इसका मतलब यह भी है कि शेष दो-तिहाई फिर भी बने रहेंगे।

    https://www.bjnewlife.org/
    https://youtube.com/@TheNewLifeMission
    https://www.facebook.com/shin.john.35

    Show more Show less

What listeners say about Ch9-2. अंत के समय में साहसपूर्ण विश्वास रखे (प्रकाशितवाक्य ९:१-२१)

Average customer ratings

Reviews - Please select the tabs below to change the source of reviews.